विषय : आध्यात्मिक प्रगति के लिए मन के विकारों को कैसे दूर करें?

Jul 31, 2025

विषय : आध्यात्मिक प्रगति के लिए मन के विकारों को कैसे दूर करें?

अंतःकरण को शुद्ध किए बिना ऊँची आध्यात्मिक उपलब्धि और ईश्वर दर्शन असंभव है।

भगवद् गीता में कहा गया है कि मन के विकार — काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य — ये सभी आध्यात्मिक प्रगति में बाधक हैं।

इन विकारों को दूर करने के लिए आत्म-निरीक्षण, ध्यान, और सत्संग आवश्यक है। जब हम अपने मन को शुद्ध करते हैं, तब ईश्वर दर्शन संभव होता है।